दुनिया के सात अजूबे
इस
दुनिया में कुल सात अजूबे हैं और ये अजूबे
दुनिया भर में प्रसिद्ध
हैं। हालांकि काफी कम लोगों को
ही इन सातों अजूबों
यानी सेवन वंडर के नाम पता
होंगे। आज हम आपको
दुनिया के सेवन वंडर
के नाम और इन सेवन
वंडर की क्या खासियत
है ये बताने जा
रहे हैं।
दुनिया
के सात अजूबों के नाम
चिचेन
इत्ज़ा में पिरामिड, मैक्सिको
दुनियाके सात अजूबे में से चिचेन इत्ज़ा
एक है। मैक्सिको में स्थित इस प्राचीन शहर
में 750 से 1200 सदी के बीच माया
सभ्यता हुई करती थी। चिचेन इत्ज़ा में कई सारे मंदिर
बनें हुए हैं। जिसमें से कुकुल्कन मंदिर
बेहद ही प्रसिद्ध है।
इस मंदिर की ऊंचाई लगभग
79 फीट है और इस
मंदिर के चारों तरफ
91-91 सीढ़ियां बनीं हुई हैं।
रियो
डी जनेरियो, ब्राज़ील
रियो
डी जनेरियो ब्राजील में है जो कि
यीशु मूर्ति है। इसकी ऊंचाई 38 मीटर है और ये
कोर्कोवाडो पहाड़ पर बनीं हुई
है। इस जगह से
पूरा रियो डी जनेरियो शहर
देखा जा सकता है।
इस प्रतिमा को बनाने में
कुल पांच सालों का वक्त लगा
था और ये मूर्ति
12 अक्टूबर 1931 में बनकर तैयार हुई थी।
रोमन
कोलॉज़िअम, इटली
इटली
में बना कोलोसियम स्टेडियम भी दुनिया के सात अजूबों
में से एक है।
कोलोसियम बेहद ही बड़ा स्टेडियम
है और इस स्टेडियम
में करीब 50,000 लोग आ सकते हैं।
कोलोसियम स्टेडियम को 70 वीं ईस्वी में बनाना शुरू किया गया था और ये
स्टेडियम 80 वीं ईस्वी में बनकर तैयार हुआ था।
ताज
महल, भारत
ताज
महल को मुगल सम्राट
शाहजहां ने अपनी पत्नी
की याद में बनवाया था। ताज महल को बनने में
कुल 15 सालों का वक्त लगा
था और ये सन्
1647 में बनकर तैयार हुआ था। ताज महल को साल 1973 में
यूनेस्को द्वारा सात अजूबों में शामिल किया गया था।
चीन
की महान दीवार, चीन
हमलावरों
को चीन से बाहर रखने
के लिए द ग्रेट वॉल
ऑफ चाइन बनाई गई थी। ये
दीवार बेहद ही बड़ी और
लंबी है। इसका निर्माण करने में कई साल लग
गए थे। इतना ही नहीं इस
दीवार को आसानी से
अंतरिक्ष से भी दिखा
जा सकता है।
माचू
पिच्चु, पेरू
माचू
पिच्चु को साल 2007 में
विश्व के सात अजूबों
की सूची में शामिल किया गया था। माचू पिच्चु को बनाने में
लंबे समय का वक्त लगा
था। ऐसा कहा जाता है कि ये
एक शहर हुआ करता था और जो
कि तीन शताब्दियों तक ‘गुमनाम’ रहा था। कई सालों तक
गुमनाम रहने के बाद इसे
हीराम बिंघम द्वारा खोजा गया था।
पेट्रा,
जॉर्डन
पेट्रो
नाबाटिअन साम्राज्य की राजधानी हुआ
करती थी। नाबाटिअन साम्राज्य के दौरान इसका
निर्माण किया गया था और इस
जगह पर कई सारी
सुरंगों और जल के
चैम्बरों आज भी मौजूद
हैं। इतना ही नहीं इस
जगह पर अल दैर
मठ भी है की
बेहद ही सुंदर तरीके
से बनाई गई है।

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