जानें क्या होता है शनि प्रदोष व्रत और इसका महत्व

शनि देव को शांत रखने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय करते हैं। कोई लोग शनिवार के दिन मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं। जबकि कई लोग शनिवार के दिन काली चीजों का दान करते हैं। शनि देव के प्रकोप को कम करने के लिए शनि प्रदोष व्रत भी रखा जाता है और इस व्रत में शिव भगवान की पूजा की जाती है। ऐसा मान्यता है कि शनि प्रदोष का व्रत रखने से शिव भगवान प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की रक्षा शनि देव से करते हैं। यहीं वजह है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि ग्रह भारी होती है उन लोगों को शनि प्रदोष व्रत रखने सलाह दी जाती है। शनि प्रदोष व्रत क्या होता है, इसका महत्व और इस साल ये व्रत कब रहा है इसकी जानकारी इस प्रकार है -

शनि प्रदोष व्रत क्या है
शनिवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष यानी 2019 में शनि प्रदोष व्रत तीन बार रहा है। जिनमें से पहला शनि प्रदोष व्रत फरवरी महीने की 2 तारीख को है। दूसरा शनि प्रदोष व्रत अक्टूबर महीने की 26 तारीख को है और आखिर शनि प्रदोष व्रत नंबवर महीने की 9 तारीख को रहा है।

शनि प्रदोष व्रत का महत्व
ऐसी कहा जाता है कि इस व्रत को रखने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है और जीवन की हर परेशानी भी हल हो जाती हैं। जिन लोगों कों संतान का सुख नहीं है अगर वो ये व्रत रखें तो उन्हें संतान की प्राप्ति हो जाती है। शनि प्रदोष व्रत के साथ एक कथा भी जुड़ी हुई है। कथा के अनुसार एक सेठ हुआ करता था जो कि हर किसी भी मदद करता था। लेकिन इस सेठ की कोई भी संतान नहीं थी। जिसकी वजह से ये काफी दुखी रहता था। एक दिन ये सेठ अपनी पत्नी के संग चार धाम की यात्रा पर निकला। तब इस सेठ को एक साधु मिला और उस साधु ने सेठ का सलाह दी की वो शनि प्रदोष का व्रत रखे। इस व्रत को रखने से उसे संतान की प्राप्ति हो जाएगी। सेठ और उसकी पत्नी ने ये व्रत रखा और कुछ सालों बाद उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई।

किस तरह से रखें ये व्रत
  • शनि प्रदोष वाले दिन भगवान शिव की चालीसा का पाठ करना उत्तम होता है और सुबह मंदिर में जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करना भी शुभ होता है। जल के अलावा भगवान शिव को दूध और बेलपत्र चढ़ा भी शुभ होता है।
  • इस व्रत वाले दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। पूरे दिन भगवान शिव के नाम का जाप करना चाहिए। 
  • सुबह और शाम के समय पीपले के पेड़ के पास देसी घी का दीया जलाना चाहिए और इस पेड़ की तीन परिक्रमा करनी चाहिए।
  • ये भी मान्यता है कि इस व्रत रखने ने शनि देव के प्रकोप से बचा जा सकता है। इसके ये व्रत रखे से सच्चे जीवन साथी की प्राप्ति भी होती है।  

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