महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से जुड़े हैं ये लाभ


Mahamrityunjaya Mantra In Hindi :  जिन लोगों की कुंडली में मृत्यु का योग बन रहा होता है या फिर जिनके ग्रह काफी भारी होते हैं। उन लोगों को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने सलाह पंड़ितों द्वारा दी जाती है। ऋग्वेद में महामृत्युंजय मंत्र के बारे में कहा गया है कि इस मंत्र का जाप करने से मृत्यु को टाला जा सकता है। इस मंत्र का जाप कोई भी व्यक्ति कर सकता है। इस मंत्र का जाप करने से भगवान शिव से लंबे जीवन की प्रार्थन की जाती है और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से कई तरह के रोगों को भी सही किया जा सकता है। हमारे शास्त्रों में तीन तरह के मृत्युंजय मंत्र बताए गए हैं, जो कि महामृत्युंजय मंत्र, संपुटयुक्त महामृत्युंजय मंत्र और लघु मृत्युंजय मंत्र है।

|| महा मृत्युंजय मंत्र ||
त्र्यम्बक यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धन्म। उर्वारुकमिव बन्धनामृत्येर्मुक्षीय मामृतात् !!

||संपुटयुक्त महा मृत्युंजय मंत्र ||
हौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् स्वः भुवः भूः सः जूं हौं !!

||लघु मृत्युंजय मंत्र ||
जूं माम् पालय पालय : जूं ॐ। किसी दुसरे के लिए जप करना हो तो- जूं (उस व्यक्ति का नाम जिसके लिए अनुष्ठान हो रहा हो) पालय पालय : जूं ॐ।

इस तरह से करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
इस मंत्र का जाप कोई भी कर सकता है और इस मंत्र का जाप करने से कई तरह के लाभ जुड़े हुए हैं। जिन लोगों को धन में हानि हो रही है वो लोग इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप करने से धन से जुड़ी हर समस्या हल हो जाती है। वहीं जिन लोगों को संतान नहीं है अगर वो इस मंत्र का जाप करें तो उन्हें पुत्र का प्राप्ति होती है। अगर आपको बुरे सपने आते हैं या आपको किसी अनहोनी का डर सता रहा है तो आप इस मंत्र का जाप करें। महा मृत्‍युंजय मंत्र का जाप करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी टल जाती है।


कितनी बार करे इस मंत्र का जाप
काफी लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए और कैसे करना चाहिए। जो लोग संतान चाहते हैं वो लोग इस मंत्र का जाप सवा लाख बार करे। जो लोग अकाल मृत्यु या फिर किसी परेशानी से बचना चाहते हैं वो लोग भी इस मंत्र का जाप सवा लाख बार करें। किसी रोग को दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप 11000 बार करना चाहिए।

इस तरह से करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
महामृत्युंजय मंत्र शिव भगवान से जुड़ा होता है। इसलिए आप इस मंत्र का जाप सोमवार के दिन से ही शुरू करें। इस मंत्र का जाप सुबह के समय करना उत्तम होता है। इसके अलावा इस मंत्र का जाप आप जिस माला पर करें वो माला रुद्राक्ष की ही होनी चाहिए। इस मंत्र का उच्चारण एकदम सही से करना चाहिए और इस मंत्र का जाप केवल पूजा घर में  बैठकर ही करें। जिस दिन इस मंत्र का जाप पूरा हो जाए आप उस दिन हवन जरूर करें।

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