जानें क्यों शरद पूर्णिमा के दिन चांद की रोशनी में रखी जाती है खीर
शरद पूर्णिमा बेहद ही खास पूर्णिमा होती है और इस पूर्णिमा के दिन चांद की रोशनी में खीर रखना उत्तम माना जाता है। हर साल आश्चिन मास के शुक्ल पक्ष में जो पूर्णिमा आती है उसे शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। शरद पूर्णिमा के दिन व्रत रखा जाता है और लक्ष्मी मां की पूजा की जाती है।
शरद पूर्णिमा 2019
साल 2019 में शरद
पूर्णिमा अक्टूबर महीने की
13 तारीख के दिन
पड़ रही है।
13 तारीख को शरद
पूर्णिमा 00:38:45 बजे शुरू
होगी जो कि
अगले दिन यानी
14 तारीख को 02:39:58 तक रहेगी।
जरूर रखा जाता
है
व्रत
शरद पूर्णिमा के दिन
व्रत रखने का
खासा महत्व है
और इस दिन
व्रत रखने से
हर मनचाही चीज
हासिल हो जाती
है। हर साल
12 पूर्णिमा आती हैं
और इन पूर्णिमाओं
में से शरद
पूर्णिमा सबसे खास
होती है। शरद
पूर्णिमा के दिन
व्रत रखने के
साथ-साथ चांद
को अर्घ्य देना
और चांद की
रोशनी में खीर
रखना शुभ होता
है। ऐसा कहा
जाता है कि
चांद की रोशनी
में खीर रखने
से खीर अमृत
बन जाती है।
शरद पूर्णिमा व्रत
से
जुड़ी
कथा
शरद पूर्णिमा के दिन
व्रत रखने से
एक कथा जुड़ी
हुई है और
इस कथा के
अनुसार एक जौहरी
हुआ करता था।
इस जौहरी की
दो पुत्री थी।
जौहरी की ये
दोनों बेटियां शरद
पूर्णिमा के दिन
व्रत रखा करती
थी। हालांकि बड़ी
बेटी इस व्रत
को पूरा करती
थी और मन
से रखती थी।
वहीं छोटी बेटी
इस व्रत को
मन से नहीं
करती थी और
अधूरा ही छोड़
देती थी।
शादी के बाद
जौहरी की बड़ी
बेटी काफी खुश
रहा करती जबकि
छोटी बेटी दुखी
रहा करती थी।
छोटी बेटी को
जब भी कोई
संतान होती थी
तो वो मर
जाती थी। एक
दिन जौहरी की
छोटी बेटी ने
पंड़ित से ऐसा
होने का कारण
पूछा। पंडित ने
बताया कि वो
शरद पूर्णिमा का व्रत सही से
नहीं रखती थी।
इसलिए उसके साथ
ये सब हो
रहा है। पंड़ित
के कहने पर
जौहरी की छोटी
बेटी ने शरद
पूर्णिमा का व्रत
सच्चे मन से
रखना शुरू कर
दिया। कुछ साल
बाद उसे एक
लड़का हुआ। लेकिन
ये बच्चा पैदा
होते ही मर
गया। मगर जब
जौहरी की बड़ी
बेटी ने इस
बच्चे को हाथ
लगाया तो ये
बच्चा फिर से
जीवित हो गया
और तभी ये
शरद पूर्णिमा का
व्रत प्रसिद्ध हो
गया और लोगों
ने इस व्रत
को रखना शुरू
कर दिया।
इस तरह से
रखें
शरद
पूर्णिमा
का
व्रत
- शरद पूर्णिमा वाले दिन आप मां लक्ष्मी और अपने इष्ट देव की पूजा करें और पूजा करते समय व्रत रखने का संकल्प लें।
- रात के समय आप खीर बनाकर उसे चांद की रोशनी में रखें दें और चांद को अर्घ्य दें। सुबह इस खीर का सेवन करके अपना व्रत तोड़े। इसके बाद ये खीर घर के सदस्यों में बांट दें।
- ऐसा कहा जाता है कि इस खीर को खाने से सभी तरह के रोग दूर हो जाते हैं। इसलिए आपके घर में कोई बीमार है तो आप उसे ये खीर जरूर खाने को दें।
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