क्या है गोमती चक्र का रहस्य और क्या हैं इसे धारण करने के फायदे, जानिए विस्तार से

जैसा की नाम से ही प्रतीत होता है गोमती चक्र वह वस्तु है जो की गोमती नदी में पायी जाती है और इसलिए इसको गोमती चक्र कहते है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो गोमती चक्र अल्पमोली कैल्शियम मिश्रित पत्थर होते है जिनकी सतह एक तरफ से थोड़ी उठी हुई होती है जबकि इसके दूसरी तरफ चक्र की आकृति बनी होती है। इसका नाम तो बहुत बार आप सभी ने सुना होगा मगर इसका काम क्या है इसके बारे में कम ही लोग जानते होंगे। सबसे पहले तो आपको बता दें की गोमती चक्र की उत्पत्ति के बारे में बताया जाता है की लक्ष्मी का ही एक रूप मानी जाने वाली गाय जब नदी किनारे जुगाली करती हुए जब वह गाय पानी पिती है तो उस दौरान उसके जुगाली करने वाली फेन का जो कुछ भाग पानी में बेह जाता है और वही फेन नदी में छोटे छोटे भंवर बनाता है और कालांतर तक घूमते घूमते काफी समय के बाद किनारों रेत पर पाया जाता है वही गोमती चक्र के रूप में जाना जाता है।

गोमती चक्र का कैसे करें इस्तेमाल
बताते चलें की गोमती चक्र की महिमा इसी से पता चलती है की प्राचीन समय से ही इसका इस्तेमाल पूजा, साधना, तांत्रिक प्रयोगों और कई तरह के टोटके करने में किया जाता रहा है, कहीं कहीं पर इसे सुदर्शन चक्र के नाम से भी जाना जाता है जो भगवान श्री कृष्ण का सबसे शक्तिशाली हथियार था।

यदि गोमती चक्र की बनावट पर आप ध्यान देते हैं तो देखेंगे की उसके ऊपर के चिकने भाग पर हिन्दी के 8 का अंक बना हुआ प्रतीत होता है। ज्योतिषियों की माने तो उनके अनुसार यह अंक राहु का अंक कहा जाता है और पानी की वस्तु जिसे चन्द्रमा का रूप दिया जाता है उसके अन्दर इस अंक के होने से ज्योतिष शास्त्र में यह राहु के प्रभावो को दूर रखने के लिये बेहद ही प्रभावशाली माना जाता है और इसके अलावा इसे धारण करने से जातक की बेकार की शंका को दूर रखने मे सहायक होता है। आपको यह भी बता दें की जिन लोगों की कुंडली मे राहु चन्द्र की युति होती है ज्योतिष के अनुसार उसे गोमती चक्र को चांदी की अंगूठी में बनवाकर धारण करने की सलाह दी जाती है।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें की गोमती चक्र का सबसे अधिक उपयोग मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि ये गोल-गोल चक्राकार गोमती चक्र मां लक्ष्मी का एक ही रूप हैं और अगर इनके उपयोग से किसी खास दिन कोई शास्त्रीय उपाय किया जाए निश्चित रूप से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर अपनी कृपा दृष्टि बरसाती हैं जिससे वो हमेशा सम्पन्न रहता है।

गोमती चक्र के उपाय
  1. आपको यह पता होना चाहिए की जब भी कभी आप या फिर कोई भी व्यक्ति रहने के लिए या फिर अपने व्यवसाय या फिर व्यापार आदि के लिए नयी ईमारत निर्माण करा रहा हो तो उस दौरान उसे एक गोमती चक्र को उसकी नींव में दबा देता है तो ऐसा करने से उस ईमारत में रहने वाले सभी लोगों का भाग्य उदय होता है और ईमारत को भी कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
  2. इसके अलावा आपको यह भी बताते चलें की यदि आप गोमती चक्र को लाल कपडे में बांधकर चावल या फिर गेंहू के ढेर में रख देते हैं तो इससे आपके घर में कभी भी अनाज की कमी नहीं होती है और साथ ही साथ आपके घर में हमेशा समृद्धि का माहौल बना रहता है।

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