चमगादड़ के अशुभ लक्षण
धरती पर तरह तरह के जीव जंतु रहते हैं. इनमे से कुछ जीवों को लोग घरों में पालना पसंद करते हैं वहीँ कुछ
ऐसे भी है जो दिखने में जितने भयानक होते हैं, उतनी
ही साकारात्मक शक्तियों का प्रतीक होते हैं. इन्ही
जीवों में आज हम बात ऐसे जीव की करने जा रहे हैं, जो
रात के अँधेरे में अपना शिकार ढूँढता है. यह
कोई और नहीं बल्कि चमगादड़ (chamgadar) है
जोकि खून चूस कर जीवित रहता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चमगादड़ को मनुष्य के लिए अशुभ माना गया है जोकि घर में
प्रवेश करते ही अपने साथ कईं संकट ले कर आता है. वहीँ
भारत के इलावा अन्य
देशों के अनुसार चमगादड़ शुभ समय का संकेत देता है. इस
लेख में हम आपको चमगादड़ के अशुभ लक्षण और उनका प्रभाव बताने जा रहे हैं.
वास्तु के अनुसार चमगादड़ के अशुभ लक्षण
चमगादड़ (chamgadar) को
वास्तु के हिसाब से भी बुराई का प्रतीक माना गया है. इसके
विज्ञान ने भी चमगादड़ के अशुभ लक्षण को मौत का संकेत माना है. वास्तु दृष्टि के अनुसार चमगादड़ के घर में प्रवेश करने से निम्निखित परिणाम हो सकते हैं-
- वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में चमगादड़ (chamgadar) का प्रवेश बुरी और नकरात्मक शक्तियों को दर्शाता है. इसके इलावा यह मृत और बुरी आत्माओं के साए का संकेत देते हैं.
- चमगादड़ (chamgadar) जिस घर में दाखिल होता है, वहां लड़ाई झगडे बढ़ जाते हैं और एक दुसरे के अनिष्ट की संभावनाएं दुगुनी हो जाती हैं.
- चमगादड़ (chamgadar) का प्रवेश होने से घर परिवार पर दुःख संकट के बादल मंडराते रहते हैं और घर धीरे धीरे एक खाली मकान बन कर रह जाता है.
- जिस घर में चमगादड़ (chamgadar) घुस जाता है. वहाँ किसी न किसी सदस्य की मौत की खबर जरुर मिलती है.
वैज्ञानिक दृष्टि से चमगादड़ के अशुभ लक्ष्ण
चमगादड़ के घर में प्रवेश से वैज्ञानिक पक्ष
से भी कईं तरह के घातक परिणाम हो सकते हैं जिनका वेरवा निम्नलिखित है-
- एक शोध के अनुसार चमगादड़ (chamgadar) इबोला नामक बीमारी की मुख्य वजह है जोकि मनुष्य के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
- चमगादड़ (chamgadar) निपाह वायरस का मुख्य कारण है. इस वायरस के कारण कुछ सालों पहले ही पश्चिम बंगाल में 45 मौतें हुई थी. इसके बाद केरल में भी इस वायरस के चलते 13 मौतें देखी गई.
- चमगादड़(chamgadar) खून चूस कर जीता है. हालाँकि यह मनुष्यों पर वार नहीं करता लेकिन यदि घर में घुस कर यह किसी व्यक्तिको काट ले तो व्यक्ति की जान बचाना न-मुमकिन हो सकता है.

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