चना के औषधीय गुण हैं रोग-निरोधक, जानिए क्यों खाने चाहिए काले चने
चना के औषधीय
गुण: हमारे रसोई
घर में इससे
ढेरों मसाले हैं
जो ना केवल
हमारे भोजन का
स्वाद बढाने में
उपयोगी हैं बल्कि
एक बेहतरीन आयुर्वेदिक
औषधि भी हैं.
इन्ही में से
चना भी एक
ऐसी ही आयुर्वेदिक
औषधि है जिसे
सेहत के लिए
लाभदायक माना गया
है. आयुर्वेद ग्रंथ
में चने को
स्वास्थ्यवर्धक बताया गया है.
चने में कईं
तरह के प्रोटीन,
कार्बोहाइड्रेटस, नमी, आयरन
और कैल्शियम जैसे
जरूरी पौषक तत्व
पाए जाते हैं
जो शरीर में
प्रवेश करते ही
रोगविरोधक की तरह
काम करते हैं.
इस लेख में
हम आपको चना के औषधीय गुण
और इसकी किस्मों
के बारे में
बताने जा रहे
हैं. लेकिन इससे पहले
हम आपको बता
दें कि चने
दो तरह के
होते हैं. जिनमे
से एक को
सफेद चना और
दुसरे को काला
चना कहा जाता
है.
इनमे से काले
चने को सबसे
उत्तम माना गया
है. पेट में
होने वाली कईं
समस्याओं को मिटाने
के लिए अधिकतर
डॉ. डाइट में
काले चने शामिल
करने की सलाह
देते हैं. यह
भोजन को ठीक
से पचाने में
मदद करते हैं
और वज़न बढने
से रोकते हैं.
रोग प्रतिरोधक क्षमता
को बढ़ावा देने
के कारण ही
इन्हें सबसे हेल्थी
फ़ूड माना गया
है. यह बाज़ार
में आसानी से
उपलब्ध हैं और
बाकी दालों के
मुकाबले कईं गुना
सस्ते भी हैं.
बहरहाल, चलिए जानते
हैं आखिर कालाचना के औषधीय गुण क्या हो
सकते हैं-
चना के औषधीय गुण- सौन्दर्यवर्धक
चना में मौजूद
पौषक तत्व ना
केवल आपकी अच्छी
सेहत के लिए
आवश्यक है बल्कि
यह आपकी सुन्दरता बढाने
के लिए भी
बेहद लाभदायक साबित
हो सकते हैं.
इसके लिए आप
चावल, मसूर, जौ,
चना और मटर
एक समान मात्रा
में लेकर उन्हें
बारीक पीस लें.
अब आप इसके
चूर्ण का लेप
तैयार कर लें
और इसको नियमित
रूप से दिन
में दो बार
चेहरे पर लगाए.
ऐसा करने से
कुछ ही हफ़्तों
में आपकी त्वचा
में चमक दिखाई
देने लगेगी.
चना के औषधीय गुण- सिर दर्द
आज के समय
में अधिकतर लोग
अपनी बिजी शेडयूल
के चलते तनाव
से जूझ रहे
हैं जिनके कारण
उनके सिर में
भारी दर्द की
समस्या बनी रहती
है. ऐसे में
यदि आप इस
भयानक सिर दर्द
से राहत पाना
चाहते हैं तो
चने आपके लिए
भगवान का वरदान
साबित हो सकते
हैं. चना केऔषधीय गुण के
कारण आपका सिर
दर्द चुटकी में
दूर हो सकता
है. इसके लिए
आप दर्द होने
पर कच्चे चनों
का जूस बना
कर पीएं.
चना के औषधीय गुण- बवासीर
बवासीर आज की
युवा पीढ़ी में
होने वाली आम
समस्या है. यह
दो तरह की
होती है एक
तो सूखी और
दूसरी खुनी. इनमे
से खुनी बवासीर
सबसे अधिक कष्टदायक
है. लेकिन बवासीर
का इलाज करने
के लिए चना
सबसे उत्तम आयुर्वेदिक
औषधि है. चना
के औषधीय गुण
खुनी बवासीर का
नाश कर देते
हैं. इसके लिए
नियमित रूप से
सेंके हुए गर्म
गर्म चने खाएं.
चना के औषधीय गुण- पथरी की समस्या
पथरी इन दिनों
औरतों को सबसे
अधिक घेर रही
है. यदि पथरी
का इलाज समय
रहते ना किया
जाए तो यह
कैंसर का भयानक
रूप धारण कर
लेती है. आम
तौर पर पथरी
होने का मुख्य
कारण दूषित खाना
या पानी पीना
है. इस बीमारी
से बचने के
लिए रात में
चने पानी में
भिगो कर रख
दें और सुबह
उनमे शहद मिला
कर सेवन करें.
ऐसा करने से
पथरी आसानी से
निकल जाती है.

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